Wednesday, April 22, 2009

पृथ्वीराज कपूर हमारे देवता थे

पृथ्वी राजकपूूर तो हमारे देवता थे
हिन्दी सिनेमा के युग पुरुष को पृथ्वीराज कपूर को वह देवता कहती हैं। उनका मानना है कि पृथ्वीराज कपूर का नाटक के प्रति जो लगाव था और रचनात्मकता या प्रयोग उन्होने किए वह अद्वितीय है। जोहरा सहगल पृथ्वी राजकपूर के बारे में बताते हुए भाव
विभोर हो जाती हैं वह कहती हैं कि पापा जी जसा इंसान होना मुश्किल है। उनके साथ काम करना गर्व की बात थी। जोहरा सहगल ने पापा जी के साथ काम करना सुखद बताती हैं। वह कहती हैं कि उनकी बहन ने सबसे अधिक पापा जी के साथ काम किया दोनों की जोड़ी लोगों को खूब जंचती थी। अपने बारे में भी वह बताती हैं कि मैंने भी एक पापा जी के साथ एक नाटक में बतौर हिरोइन का रोल किया था। उनका सरल स्वभाव और काम के प्रति लगाव देखकर लोग दंग रह जाते थे।

3 comments:

नीरज गोस्वामी said...

सही है पृथ्वी राज जी जैसे समर्पित कलाकार विरले ही होते हैं....
नीरज

अनिल कान्त : said...

baat to sahi hai

HARI SHARMA said...

to ab pataa chalaa ye johraa sehgal kee kahaanee chal rahee hai.

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