Wednesday, January 27, 2010

दिन का पता नहीं लेकिन, इस दिन झंडा खूब बिकता है ......



भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां लोक मत से चुनाव होता है। 61 वां गणतंत्र दिवस लोग धूमधाम से मना रहे हैं। यह बात भारत का बुद्धिजीवी वर्ग भले ही जानता हो लेकिन आज भी झुग्गियों में रहने वाले लोग इस दिन को नहीं जानते। संवाददाता जब इस दिन झुग्गियों के लोगों से इस संबंध में बातें करने निकला तो इस दिन का सबके लिए अलग-अलग मतलब था।
मसलन दिल्ली के दिलशाद गार्डेन के कलंदर कालोनी झुग्गी में बंदर नचाने वाला असलम खुश था। क्योंकि छुट्टी का दिन होने के कारण उसका तमाशा देखने वाले अधिक लोग थे और उसे इस बात की खुशी थी उसे गणतंत्र दिवस की कोई जानकारी नहीं थी हां लोगों को देखकर वह अपनी साइकिल में झंडा लगाना नहीं भूला था।
नंद नगरी झुग्गी के बाहर झंडो की दुकान लगाए 10 वर्षीय रसूल की खुशी ग्राहकों के आने से दुगनी हो रही थी। उससे यह पूछने पर, कि क्या उसे पता है कि लोग झंडा क्यों खरीद रहे हैं, क्या कोई विशेष दिन है? उसका कहना था कि उसे यह नहीं मालूम लेकिन इस दिन झंडा खूब बिकता है।
झुग्गी के बच्चों में इस दिन को लेकर खास उत्साह था इसकी वजह स्कूल का बंद होना भी था क्योंकि गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले ही स्कूलों में ध्वजारोहण हो चुका था।
बच्चों के अलावा युवा और बुजुर्ग भी इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट नहीं थे कि वास्तव में यह दिन कौन सा है। क्योंकि झिलमिल कालोनी झुग्गी निवासी 65 वर्षीय रामसूरत का कहना था कि हमें दिन का पता नहीं लेकिन 26 जनवरी बचपन से मनाते आ रहे हैं पिता जी बताते थे कि इस दिन गांधी बाबा ने देश को आजाद किया था। लोगों को इस दिन का पता नहीं था लेकिन लोगों ने अपने घरों के बाहर झंडा लगा रखा था और देश भक्ति गाने बजाए जा रहे थे।

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